मैं कहाँ जाऊँ ?
किस तरफ़ है राह ?
सेक्सपियर बनना चाहता हूँ
जॉर्ज बुश भी
बिल गेट्स
और आइंस्टाइन होने की भी तड़प है
शायद ख़ुद का भी
नही बन पा रहा ।
हताशा में निराशा में
सांप बन जाता हूँ
डंस लेता हूँ
सारे अरमान
गिद्ध बनकर
नोचना चाहता हूँ
हर किसी के
उपलब्धियों के मृत शरीर को!
2 टिप्पणियां:
khub kaha kapi tune...kapi shabd yaad hai thumhe...IIMC mein bijendra ne tumhe ye naam diya tha....40 logo mein ek ne naam diya ek ka naam rakha gaya...ye done ke liye uplabdhi tha...
shukriya awatansh
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